
आज के वैश्विक युग में, जहाँ अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक जुड़ाव अत्यंत महत्वपूर्ण हो चुके हैं, वहीं लाज़रस यूनियन–इंडिया और नाशिक स्थित अशोका ग्रुप ऑफ स्कूल्स द्वारा एक ऐतिहासिक शैक्षणिक पहल को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। विद्यार्थियों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में वियना स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNOV) और ऑस्ट्रियाई संसद भवन का व्यापक दौरा किया, जिसने उन्हें वैश्विक प्रशासन और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को निकट से समझने का अनूठा अवसर प्रदान किया।
यह पहल पारंपरिक कक्षा आधारित शिक्षा से आगे बढ़कर विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय संबंधों एवं सांस्कृतिक कूटनीति की वास्तविक समझ देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। संयुक्त राष्ट्र जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देखने के दौरान विद्यार्थियों ने जाना कि वैश्विक संस्थाएँ जटिल अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान किस प्रकार करती हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्थाएँ कैसे संचालित होती हैं।
प्रत्यक्ष अनुभव से वैश्विक नागरिकता का विकास
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक संगठनों की संरचना एवं कार्यप्रणाली की व्यावहारिक जानकारी देना था। संयुक्त राष्ट्र कार्यालय वियना (UNOV) के दौरे के दौरान विद्यार्थियों ने बहुपक्षीय सहयोग (Multilateralism) की बारीकियों को समझा। इस दौरान साइबर सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, मानवाधिकार, शांति एवं सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक विषयों पर विद्यार्थियों ने UNODC कार्यालय में अपने विचार प्रस्तुत किए।
इसके अतिरिक्त, ऑस्ट्रियाई संसद भवन की यात्रा ने विद्यार्थियों को एक राष्ट्रीय लोकतांत्रिक प्रणाली की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर प्रदान किया। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रशासनिक व्यवस्थाओं के इस संयुक्त अनुभव ने विद्यार्थियों में आधुनिक कूटनीति एवं वैश्विक नीतियों की जटिलताओं के प्रति गहरी समझ विकसित की।
भारतीय संस्कृति का वैश्विक मंच पर प्रभावशाली प्रदर्शन
इस यात्रा का विशेष आकर्षण अशोका ग्रुप ऑफ स्कूल्स के विद्यार्थियों द्वारा UNODC कार्यालय और ऑस्ट्रियाई संसद में प्रस्तुत भारतीय सांस्कृतिक नृत्य प्रदर्शन रहे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने विश्व को “एकता और भाईचारे” का संदेश दिया, जो वर्तमान जटिल भू-राजनीतिक परिस्थितियों में अत्यंत आवश्यक है।
दूरदर्शी नेतृत्व और वैश्विक दृष्टिकोण
इस प्रभावशाली पहल का नेतृत्व लाज़रस यूनियन–इंडिया के कमांडर इन चीफ कर्नल (मानद) डॉ. दिनेश सबनीस ने किया। डॉ. सबनीस लंबे समय से शिक्षा, युवा विकास और सांस्कृतिक कूटनीति को जोड़ने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनका उद्देश्य विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक वैश्विक अनुभव प्रदान करना है।
डॉ. सबनीस के नेतृत्व में इस परियोजना को संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (UN SDGs), विशेष रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और वैश्विक साझेदारी से जोड़ा गया। इस पहल ने युवाओं को भविष्य के जिम्मेदार वैश्विक नागरिक एवं नेतृत्वकर्ता बनने के लिए प्रेरित किया।
वियना में इस मिशन को लाज़रस यूनियन ऑस्ट्रिया के अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व का भी पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। जनरल रिप्रेजेंटेटिव कर्नल (मानद) ओलिवर एम. ग्रुबर-लेविन और CFO श्री पीटर शेरर ने प्रतिनिधिमंडल का मार्गदर्शन किया। उनकी सहभागिता संगठन की अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान और युवा मार्गदर्शन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
वैश्विक विकास में लाज़रस यूनियन की भूमिका
ऑस्ट्रिया मुख्यालय वाली लाज़रस यूनियन एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जिसे संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (UN ECOSOC) का जनरल कंसल्टेटिव स्टेटस प्राप्त है। यह संस्था विश्वभर में शांति, सामाजिक उत्तरदायित्व और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती है।
यह शैक्षणिक मिशन इस बात का प्रमाण है कि युवाओं में बौद्धिक विकास और वैश्विक दृष्टिकोण का निर्माण भी सतत विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
भारतीय शिक्षा प्रणाली के लिए प्रगतिशील पहल
लाज़रस यूनियन–इंडिया और अशोका ग्रुप ऑफ स्कूल्स के बीच यह सहयोग भारतीय शिक्षा प्रणाली में उभरते सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाता है। आज के वैश्वीकृत युग में विद्यार्थियों के लिए केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सांस्कृतिक समझ और अंतरराष्ट्रीय मामलों की जानकारी भी आवश्यक है।
इस पहल ने विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर वैश्विक संवाद में सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया। ऐसी शैक्षणिक यात्राएँ भविष्य में युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार करेंगी।
भविष्य की ओर सतत कदम
वियना-अॉस्ट्रिया टूर में शामिल अशोका ग्रुप ऑफ स्कूल्स के विद्यार्थी प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे — जान्हवी कुलकर्णी, खानन रामरख्यानी, रुही वर्मा, चौधरी शाकिर, पूनावाला औज़िता, प्रवेश वासवानी, पिंपळेकर ट्विशा, निहारिका खेडेकर, शर्मा वृंदा, महीका बिजलानी, आश्मित कटारिया, तनिष्का कुशारे, रिया दाशपुते, शेहरेबानू अबूजीवाला, स्वामिनी खैरनार, तमन्ना चव्हाण, टियारा ठक्कर, यादी भालोडिया एवं वेदांशी दुबे। इस प्रतिनिधिमंडल का मार्गदर्शन कर्नल (मानद) डॉ. दिनेश सबनीस एवं सुश्री पूजा गायकवाड़ ने किया।
लाज़रस यूनियन–इंडिया ने भविष्य में भी युवा विकास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, कूटनीति और खेलों को जोड़ते हुए ऐसे वैश्विक कार्यक्रम जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। इन प्रयासों के माध्यम से भारतीय युवाओं और वैश्विक कूटनीतिक समुदाय के बीच संबंध और अधिक मजबूत होंगे तथा एक जागरूक, जिम्मेदार और दूरदर्शी नेतृत्व का निर्माण होगा।


