एक जुलाई से शहर के एयरपोर्ट से संचालित होने वाली कुछ घरेलू उड़ानों के संचालन में बदलाव किया जा रहा है। नए शेड्यूल के अनुसार मुंबई और दिल्ली के लिए उपलब्ध उड़ानों की संख्या पहले की तुलना में कम हो जाएगी, जिससे यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना नए टाइम-टेबल के अनुसार बनानी होगी।
संशोधित कार्यक्रम के तहत अब मुंबई के लिए उड़ानें सप्ताह में केवल चार दिन संचालित होंगी। पहले इस रूट पर यात्रियों को प्रतिदिन फ्लाइट की सुविधा मिलती थी। वहीं, दिल्ली के लिए अब सप्ताह में दो उड़ानें ही उपलब्ध रहेंगी, जबकि पहले तीन दिन यह सेवा संचालित होती थी।
उड़ानों की संख्या घटने से विशेष रूप से व्यावसायिक यात्रियों, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आने-जाने वाले अभ्यर्थियों, चिकित्सा उपचार के लिए यात्रा करने वाले मरीजों और पर्यटन के उद्देश्य से सफर करने वाले लोगों को पहले से अधिक योजना बनाकर टिकट बुक कराना पड़ सकता है।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन से उड़ान की तिथि और समय की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक करा रखी है, उन्हें भी अपनी फ्लाइट का अपडेट नियमित रूप से देखते रहने की सलाह दी गई है।
जानकारों का कहना है कि एयरलाइंस समय-समय पर यात्रियों की संख्या, परिचालन आवश्यकताओं और विमानों की उपलब्धता के आधार पर उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव करती रहती हैं। आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में इन उड़ानों की संख्या में फिर से संशोधन किया जा सकता है।
नई व्यवस्था के तहत अब मुंबई के लिए संचालित होने वाली दैनिक उड़ान सप्ताह में केवल चार दिन उपलब्ध रहेगी। वहीं दिल्ली के लिए सप्ताह में तीन दिन संचालित होने वाली फ्लाइट अब केवल दो दिन ही उड़ान भरेगी।
उड़ानों की संख्या में कमी आने से नियमित यात्रियों, व्यापारिक वर्ग, विद्यार्थियों और अन्य राज्यों के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट लेने वाले यात्रियों पर इसका असर पड़ सकता है। ऐसे यात्रियों को यात्रा की योजना पहले से बनाकर टिकट आरक्षित कराने की सलाह दी गई है।
एयरपोर्ट प्रबंधन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले एयरलाइन की वेबसाइट या हेल्पलाइन के माध्यम से उड़ान का दिन और समय अवश्य जांच लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बताया जा रहा है कि एयरलाइंस समय-समय पर यात्रियों की संख्या, परिचालन आवश्यकताओं और विमान उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए अपने उड़ान शेड्यूल में बदलाव करती हैं। यदि भविष्य में मांग बढ़ती है तो उड़ानों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी की जा सकती है।
नए शेड्यूल के लागू होने के बाद यात्रियों को अपनी यात्रा की बेहतर योजना बनाने और समय पर एयरपोर्ट पहुंचने की सलाह दी गई है।



