
सिद्धारमैया के फैसले से कर्नाटक राजनीति में हलचल, मुख्यमंत्री पद के लिए नई दिशा तय होने के आसारकैबिनेट बैठक के बाद कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की आहट, सिद्धारमैया ने शीर्ष पद से हटने की बात कही
कर्नाटक की राजनीति में इस समय बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कांग्रेस हाई कमान के निर्देशों के बाद अपने पद से इस्तीफा देने की बात कही है। बताया जा रहा है कि बेंगलुरु में अपने आधिकारिक आवास पर आयोजित एक नाश्ते की बैठक (breakfast meeting) के दौरान उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वे पार्टी नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे और अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह कांग्रेस हाई कमान तय करेगा।
इस बैठक में उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद थे। शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। बैठक के दौरान सिद्धारमैया ने यह भी भरोसा दिलाया कि जो भी नया मुख्यमंत्री बनेगा, उन्हें उनका पूरा समर्थन मिलेगा।
यह पूरा घटनाक्रम दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की हालिया बैठकों के बाद सामने आया है, जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य वरिष्ठ नेताओं के बीच कर्नाटक नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चा हुई थी। सूत्रों के अनुसार पार्टी राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को “संगठित और शांतिपूर्ण” तरीके से पूरा करना चाहती है।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा रही है कि 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में एक अनौपचारिक “रोटेशनल मुख्यमंत्री फॉर्मूला” की बात उठी थी, जिसके तहत कार्यकाल के बीच नेतृत्व बदला जा सकता है। हालांकि पार्टी ने कभी आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की थी।
फिलहाल कर्नाटक में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हैं। विधायकों और मंत्रियों के बीच बैठकों का दौर जारी है और समर्थक गुटों में हलचल देखी जा रही है। हालांकि अभी तक कांग्रेस की ओर से कोई अंतिम और आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला सामने आ सकता है।


