राम मंदिर के नाम पर जुटाए गए चंदे में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के बीच पुलिस ने एफआईआर में नामजद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, शिकायतों और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। मामले में आरोप है कि श्रद्धालुओं से प्राप्त दान राशि के उपयोग में गड़बड़ी की गई और धन के लेन-देन में पारदर्शिता नहीं बरती गई।
जांच एजेंसियां अब बैंक खातों, वित्तीय दस्तावेजों, रसीदों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं ताकि धन के प्रवाह और उसके वास्तविक उपयोग का पता लगाया जा सके। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राम मंदिर के नाम पर चंदा एकत्र करने से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर में नामजद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद शुरू हुई जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि श्रद्धालुओं से एकत्र की गई दान राशि के हिसाब-किताब में कथित अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। पुलिस अब बैंक खातों, लेन-देन के रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि धन का उपयोग किस उद्देश्य से किया गया।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस पूरे मामले में कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था या अन्य लोगों की भी भूमिका रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं, तो आगे और गिरफ्तारियां या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी।



