सीरियल उद्यमी और Haptik के संस्थापक आक्रित वैष ने भारतीय टेक इकोसिस्टम को नई दिशा देने की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए निवेशक प्रत्युष चौधरी के साथ मिलकर “Activate” नाम का 75 मिलियन डॉलर का नया AI-केंद्रित वेंचर फंड लॉन्च किया है। यह फंड भारत में उभरते हुए डीप-टेक, AI इंफ्रास्ट्रक्चर और नेक्स्ट-जनरेशन एंटरप्राइज सॉल्यूशन्स बनाने वाले शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को पूंजी, मार्गदर्शन और तकनीकी संसाधन प्रदान करेगा।
“Activate” भारत के तेजी से विकसित हो रहे टेक लैंडस्केप में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप-टेक स्टार्टअप्स आर्थिक और तकनीकी परिवर्तन के प्रमुख स्तंभ बनते जा रहे हैं। शुरुआती चरण के उद्यमों पर फोकस करके यह फंड उस महत्वपूर्ण कमी को पूरा करेगा, जिसका सामना कई तकनीकी उद्यमी करते हैं—अर्थात शुरुआती फंडिंग और सही दिशा।
फंड का ध्यान खास तौर पर AI और डीप-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर पर है, जो मौजूदा समय की आवश्यकता है। भारतीय स्टार्टअप्स मशीन लर्निंग प्लेटफॉर्म, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, जेनरेटिव AI, ऑटोनॉमस सिस्टम्स, रोबोटिक्स और एंटरप्राइज ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में तेजी से नवाचार कर रहे हैं। इन तकनीकों में क्षमता है कि वे व्यवसायों को भविष्य के लिए तैयार करें और भारत को वैश्विक इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करें। “Activate” का उद्देश्य ऐसे ही तकनीकी महत्वाकांक्षी स्टार्टअप्स को गति देना है।
आक्रित वैष, जिन्होंने Haptik को भारत के प्रमुख conversational AI प्लेटफॉर्म में बदला, स्टार्टअप इनोवेशन और स्केलिंग का गहरा अनुभव रखते हैं। यही अनुभव उन्हें सक्षम बनाता है कि वे उभरते हुए स्टार्टअप्स की पहचान कर सकें और उन्हें सही रणनीतिक मार्गदर्शन दे सकें। निवेशक प्रत्युष चौधरी की विशेषज्ञता फाइनेंशियल स्ट्रक्चरिंग, मार्केट एनालिसिस और पोर्टफोलियो डेवलपमेंट में है, जो इस साझेदारी को और मजबूत बनाती है।
Activate केवल फंडिंग देने तक सीमित नहीं है। चयनित स्टार्टअप्स को मेंटर्स का नेटवर्क, तकनीकी संसाधन और ऑपरेशनल मार्गदर्शन भी मिलेगा। शुरुआती चरण के फाउंडर्स के लिए यह सपोर्ट अत्यंत महत्वपूर्ण है, खासकर जब वे उत्पाद विकास, मार्केट वैलिडेशन, टीम बिल्डिंग और स्केलिंग की चुनौतियों से गुजर रहे होते हैं।
75 मिलियन डॉलर का यह फंड यह भी दर्शाता है कि भारत के AI और डीप-टेक सेक्टर में निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। ग्लोबल स्तर पर AI अपनाने की गति स्वास्थ्य, वित्त, लॉजिस्टिक्स और एंटरप्राइजेज में तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में “Activate” जैसे फंड भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने के लिए आवश्यक ताकत प्रदान करते हैं।
भारतीय युवाओं के लिए यह फंड एक बड़ी संभावना प्रस्तुत करता है। जिन स्टार्टअप्स को पहले AI इंफ्रास्ट्रक्चर या डीप-टेक प्रोजेक्ट्स के लिए फंडिंग पाना कठिन था, अब उनके पास एक समर्पित संसाधन उपलब्ध है। इससे भारत में तकनीकी प्रयोग, नवाचार और बड़े पैमाने पर तकनीक-आधारित समाधान विकसित करने की गति और तेजी से बढ़ेगी।
“Activate” का लॉन्च भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की परिपक्वता को भी दर्शाता है। जहां शुरुआत में ध्यान उपभोक्ता ऐप्स और फिनटेक पर था, वहीं अब फोकस AI-ऑटोमेशन, डीप-टेक और एंटरप्राइज सॉल्यूशन्स पर जा रहा है। ऐसे फंड इस बदलाव के महत्वपूर्ण कारक साबित होंगे।
आक्रित वैष और प्रत्युष चौधरी का कहना है कि Activate केवल वित्तीय रिटर्न नहीं, बल्कि भारत में meaningful टेक इम्पैक्ट बनाने का लक्ष्य रखता है। यह फंड उन उद्यमियों को सशक्त बनाएगा, जिनके पास तकनीकी दृष्टिकोण है और जो भारत को ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर बनाने में योगदान दे सकते हैं।
समाप्ति में, Activate का लॉन्च भारत के AI और डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। शुरुआती चरण की फंडिंग, मेंटरशिप और तकनीकी सहायता प्रदान करके यह फंड युवा उद्यमियों को जटिल तकनीकी चुनौतियों को हल करने और नवाचार को स्केल करने का अवसर देता है। अनुभवी फाउंडर्स और निवेशकों के मार्गदर्शन से Activate भारत में स्टार्टअप्स की नई लहर को गति देगा और दीर्घकालिक मूल्य निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगा।
जैसे-जैसे AI और डीप-टेक ग्लोबल अर्थव्यवस्था को आकार दे रहे हैं, Activate जैसे प्रयास भारतीय नवाचार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।


